: डॉक्टर हनुमान के दर्शनों के दर्शनों को बुढ़वा मंगल को उमड़ेगा भक्तों का सैलाव

Admin Sat, Sep 23, 2023

धाम के मंहत श्री रामदास जी महाराज बोले -बुढ़वा मंगल के दिन हनुमान जी के दर्शन करने का है अत्यधिक महत्व
5 लाख से अधिक श्रद्धालुओं के दर्शन करने की संभावना जताई

गणेश भारद्वाज - भिंड

आने वाले मंगलवार यानि की 26 सितंबर को बुढ़वा मंगल है । इस दिन ग्वालियर चंबल अंचल के सुप्रसिद्ध डॉक्टर हनुमान मंदिर दंदरौआ धाम में व्यापक संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना है। मंदिर प्रबंधन ने दावा किया है कि पिछले वर्षों की तरह इस वर्ष भी लाखों की संख्या में श्रद्धालु दर्शन करने के लिए दंदरौआ धाम पहुंचेंगे। बुढ़वा मंगल पर श्रद्धालुओं की अधिक संख्या पहुंचने की संभावनाओं के चलते जिला प्रशासन भिंड के द्वारा सभी समुचित बंदोबस्त करने की तैयारी शुरू कर दी गई है।
ददरौआ धाम के महंत श्री श्री 1008 महामंडलेश्वर श्री रामदास महाराज ने बताया कि बुढ़वा मंगल वह दिन है जो कि श्री हनुमान जी महाराज को अत्यंत प्रिय है यदि कोई व्यक्ति प्रत्येक मंगलवार को भगवान श्री हनुमान के दर्शन ना कर पाए या फिर प्रत्येक महीना या 3 महीने में एक बार प्रभु के दर्शन ना कर पाए और वह बुढ़वा मंगल के दिन श्री हनुमान जी महाराज के दर्शन कर पूजन अर्चन वंदन करता है तो उसे वर्ष के सभी मंगलवारों के दर्शन करने के बराबर फल प्राप्त होता है। बुढ़वा मंगल के महत्व पर प्रकाश डालते हुए श्री रामदास महाराज ने कहा कि यह वह दिन है जो कि श्री हनुमान जी महाराज को अत्यंत प्रिय है इसी दिन श्री हनुमान जी महाराज लंका से सीता जी को खोज कर वापस आए थे और लंका से लौटकर उन्होंने अपने प्रभु श्री रामचंद्र जी को सीता मैया के लंका में होने की सूचना दी थी। इस सूचना को प्राप्त करके भगवान श्री राम अत्यंत प्रसन्न हुए और उन्होंने श्री हनुमान जी महाराज को 'अनपायनी भक्ति, का वरदान दिया था।

दर्शन से असाध्य से अशाध्य रोग होते हैं ठीक
महंत श्री रामदास महाराज ने आगे बताया कि दंदरौआ धाम के श्री डॉक्टर हनुमान किसी भी असाध्य रोग का निवारण करने के लिए जाने जाते हैं जो भी भक्त सच्चे मन से यहां पर श्री हनुमान जी महाराज की पांच परिक्रमाएं लगता है उसका असद से असद रोग से हनुमान जी की कृपा से ठीक हो जाता है। उन्होंने बताया की न केवल ग्वालियर चंबल अंचल बल्कि संपूर्ण मध्य प्रदेश और देशभर के श्रद्धालुओं की आस्था डॉक्टर हनुमान जी के प्रति है क्योंकि डॉक्टर हनुमान जी सभी की मनोकामनाएं पलक झपकते ही पूर्ण करने की क्षमता रखते हैं।

बूढ़े बंदर का रूप धर भीम के अभिमान का किया था अंत

महाभारत काल में हजारों हाथियों के बल को धारण किए भीम को अपने शक्तिशाली होने पर बड़ा अभिमान और घमंड हो गया था। भीम के घमंड को तोड़ने के लिए रूद्र अवतार भगवान हनुमान ने एक बूढ़े बंदर का भेष धारण कर उनका घमंड चूर-चूर कियाआगे यही दिन आगे चलकर बुढ़वा मंगल कहलाने लगा।

हनुमान जी का सबसे प्रिय दिन बुढ़वा मंगल…

एक अन्य मत के अनुसार रामायण काल में भाद्रपद महीने के आखिरी मंगलवार को माता सीता की खोज कर प्रभु श्री राम के पास वापस लौटे थे। जिससे प्रसन्न होकर प्रभु श्री राम ने हनुमान जी को अन पायनी भक्ति का वरदान दिया। इस दिन भाद्रमास का अंतिम मंगलवार ही था। उसी दिन से श्री हनुमान जी महाराज को यह दिन यानि भादमास का अंतिम मंगलवार अत्यंत प्रिय लगने लगा।

विज्ञापन

जरूरी खबरें