: राम राज की परिकल्पना का प्रतिबिंब दिखा हिंदवी स्वराज में - भार्गव
Admin Fri, Jun 2, 2023
हिंदवी स्वराज चल यात्रा में भिंड की सड़कों पर उमड़ा हिंदुओं का सैलाव, संघ व भाजपा दिखी बहुतायत
गणेश भारद्वाज - भिंड
हम आज रामराज्य की कल्पना करते है वास्तव में शिवाजी का हिन्दवी स्वराज भी उसी रामराज्य की प्रिकल्पना का दूसरा रुप था । शिवाजी से पूर्व भी अनेक यशस्वी राजाओं का शासन देश मे रहा लेकिन हम उनके राज्यारोहण का समारोह नहीं मनाते । देश के अनेक बड़े राजा तो मुगल शासन के अधीनस्थ होकर भी शासन करते थे । एक सामान्य परिवार में जन्म लेकर युवाओं की सेना संगठित कर धीरे धीरे 300 किलों को उन्होंने जीता । समाज के कहने पर ही उनका राज्यारोहण ठीक उसी प्रकार हुआ जैसे भगवान राम का या धर्मराज युधिष्ठिर का हुआ था । यह समारोह चार दिन चला एवं देश भर के अनेक राजा एवं मुगल शासक भी समारोह में सम्मिलित हुए । उन्होंने अपने राज्य में नई कृषि नीति लागू की । देश में पहली नौसेना की स्थापना भी शिवाजी ने की । उन्होंने विदशों से तोप एवं गोले भी मंगवाया लेकिन सिर्फ़ एक बार साथ ही तोप और गोला निर्माण की तकनीकी भी मंगवाई और देश में तोप निर्माण के दो कारखाने भी स्थापित किये । उन्होंने समाज को जजिया कर से मुक्ति दिलवाई एवं अनेक मंदिरों निर्माण एवं पुनर्निर्माण कराया । उन्होंने ऐसे सैनिकों को खड़ा किया जो देश के लिए सर्वस्व समर्पण के लिये तैयार थे । उन्होंने तानाजी एवं बाजीराव का उदाहरण देते हुये कहा कि उन्होंने शिवाजी के कहने पर देश की सुरक्षा के लिये अपने प्राणों की आहुति दे दी । उन्होंने स्वयं के जीवन में भी ऐसे अनेक उदाहरण प्रस्तुत किए । जब शिवाजी की एक पत्नी का देहांत हुआ तब मुगलशासन कमजोर पड़ने लगा था उन्होंने पत्नी के अन्तिम संस्कार में जाते हुये युद्ध मेन जाने का मार्ग चुना । उन्होंने ऐसी शासन व्यवस्था तैयार की कि छैः माह तक औरंगजेब की जेल में रहते हुए भी उनका शासन सुचारु रुप से संचालित था । बल्कि उनके जीते हुये किलों की संख्या में बढ़ोत्तरी हुयी । उनकी सेना में मुस्लिम सैनिक भी थे । औरंगजेब की जेल से निकलने में एक मुस्लिम सैनिक ने मदद की.जो बाद में वीर गति को प्राप्त हुआ ।
श्री भार्गव जी.ने कहा कि यह आयोजन पूरे देश भर में वर्ष भर चलने वाले हैं । जिसके लिए देश, प्रान्त, जिला, नगर एवं ग्राम स्तर तक समाज के सभी वर्ग एवं सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधियों को लेकर समितियों का गठन किया गया है । हम सभी वर्ष भर चलने वाले कार्यक्रमों सम्मलित होकर उनके विचारों को समझें ।
हिन्दवी स्वराज की स्थापना की 350 वीं वर्षगांठ पर नगर एक विशाल कार्यक्रम का आयोजन 350वां हिन्दवी स्वराज्य आयोजन समिति के तत्वावधान में किया गया कार्यक्रम का प्रारम्भ स्थानीय बद्री प्रसाद जी की बगिया महावीर चौक से एक विशाल चल समारोह के रूप में हुआ । चल समारोह में घोड़े पर सवार शिवाजी एवं उनके अंग रक्षक लोगों के आकर्षण का केन्द्र रहे । एक बग्घी के ऊपर शिवाजी का विशाल चित्र यात्रा की शोभा बढ़ा रहा था । समारोह में हजारों की संख्या में हिन्दू समाज ने भाग लिया । चल समारोह का समापन खण्डा रोड़ पर एक सभा के रूप में हुआ ।
सभा में 350 वां हिन्दवी स्वराज स्थापना समारोह समिति के जिला अध्यक्ष डा. सुरेश बंसल नगर संयोजक उपेन्द्र भदौरिया एवं मुख्य वक्ता ग्वालियर से पधारे श्री ब्रजकिशोर भार्गव मंचासीन रहे । कार्यक्रम का संचालन समिति के जिला सचिव कुलदीप भदौरिया ने किया अतिथि परिचय नगर के सह.संयोजक अजय दीक्षित ने कराया ।
हिन्दवी स्वराज की स्थापना की 350 वीं वर्षगांठ पर नगर एक विशाल कार्यक्रम का आयोजन 350वां हिन्दवी स्वराज्य आयोजन समिति के तत्वावधान में किया गया कार्यक्रम का प्रारम्भ स्थानीय बद्री प्रसाद जी की बगिया महावीर चौक से एक विशाल चल समारोह के रूप में हुआ । चल समारोह में घोड़े पर सवार शिवाजी एवं उनके अंग रक्षक लोगों के आकर्षण का केन्द्र रहे । एक बग्घी के ऊपर शिवाजी का विशाल चित्र यात्रा की शोभा बढ़ा रहा था । समारोह में हजारों की संख्या में हिन्दू समाज ने भाग लिया । चल समारोह का समापन खण्डा रोड़ पर एक सभा के रूप में हुआ ।
सभा में 350 वां हिन्दवी स्वराज स्थापना समारोह समिति के जिला अध्यक्ष डा. सुरेश बंसल नगर संयोजक उपेन्द्र भदौरिया एवं मुख्य वक्ता ग्वालियर से पधारे श्री ब्रजकिशोर भार्गव मंचासीन रहे । कार्यक्रम का संचालन समिति के जिला सचिव कुलदीप भदौरिया ने किया अतिथि परिचय नगर के सह.संयोजक अजय दीक्षित ने कराया । कार्यक्रम के अन्त में आभार नगर संयोजक उपेन्द्र भदौरिया ने व्यक्त किया ।



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