अटेर में जन अभियान परिषद की विकासखण्ड स्तरीय शक्ति संवर्धन कार्यशाला : शासन की योजनाओं को अंतिम व्यक्ति तक पहुँचाना ही प्रस्फुटन समितियों का उद्देश्य : शिवप्रताप
Admin Fri, Aug 7, 2026
अटेर - संवाददाता
मध्यप्रदेश जन अभियान परिषद के मार्गदर्शन में अटेर विकासखण्ड की प्रस्फुटन समितियों, नवांकुर संस्थाओं एवं परामर्शदाताओं के लिए विकासखण्ड स्तरीय शक्ति संवर्धन कार्यशाला का आयोजन ऑस्टिन इंटरनेशनल स्कूल, अटेर के सभागार में सम्पन्न हुआ। कार्यक्रम का शुभारंभ जिला समन्वयक डॉ. शिव प्रताप सिंह भदौरिया द्वारा दीप प्रज्ज्वलित कर एवं भारत माता के चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित कर किया गया।
कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य ग्राम स्तर पर कार्यरत प्रस्फुटन समितियों की कार्यक्षमता में वृद्धि करना, सामाजिक नेतृत्व को सुदृढ़ बनाना तथा शासन की लोककल्याणकारी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन हेतु सामुदायिक सहभागिता को प्रोत्साहित करना रहा।
अपने प्रेरणादायी उद्बोधन में जिला समन्वयक डॉ. शिव प्रताप सिंह भदौरिया ने कहा कि ग्रामीण विकास का वास्तविक आधार समाज की सक्रिय भागीदारी है। प्रस्फुटन समितियाँ यदि समर्पण, अनुशासन एवं योजनाबद्ध तरीके से कार्य करें तो शिक्षा, स्वास्थ्य, पर्यावरण संरक्षण, जल संवर्धन, स्वच्छता, महिला सशक्तिकरण तथा सामाजिक समरसता जैसे क्षेत्रों में उल्लेखनीय उपलब्धियाँ प्राप्त की जा सकती हैं। उन्होंने कहा कि जन अभियान परिषद समाज और शासन के मध्य एक सशक्त सेतु के रूप में कार्य कर रही है तथा प्रत्येक समिति को अपने ग्राम में जनजागरण एवं सामाजिक उत्तरदायित्व का वातावरण निर्मित करना चाहिए।
उन्होंने उपस्थित प्रतिनिधियों को संबोधित करते हुए कहा कि एक पेड़ माँ के नाम हर घर तिरंगा तथा नवांकुर सखी जैसे अभियान केवल कार्यक्रम नहीं, बल्कि सामाजिक चेतना के व्यापक अभियान हैं। इन पहलों को जन-जन तक पहुँचाने और जनसहभागिता के माध्यम से सफल बनाने में प्रस्फुटन समितियों एवं नवांकुर संस्थाओं की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है।
कार्यशाला के दौरान विकासखण्ड समन्वयक सोहन सिंह भदौरिया ने प्रस्फुटन समितियों के दायित्वों एवं आगामी कार्ययोजना पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि प्रत्येक समिति अपने ग्राम की स्थानीय आवश्यकताओं का आकलन कर वार्षिक कार्ययोजना तैयार करे तथा नियमित समीक्षा के माध्यम से विकास गतिविधियों को गति प्रदान करे। उन्होंने कहा कि समाज की सहभागिता से ही सतत एवं समावेशी विकास सुनिश्चित किया जा सकता है।
कार्यक्रम में मुख्यमंत्री सामुदायिक नेतृत्व क्षमता विकास कार्यक्रम की प्रगति एवं आगामी रणनीति पर भी विस्तार से चर्चा की गई। डॉ. भदौरिया ने विद्यार्थियों की सहभागिता, सामाजिक परियोजनाओं, ग्राम स्तरीय गतिविधियों एवं नेतृत्व विकास से जुड़े विभिन्न पहलुओं की समीक्षा करते हुए कहा कि परिषद का उद्देश्य युवाओं में सामाजिक नेतृत्व का विकास कर उन्हें समाज निर्माण की प्रक्रिया से जोड़ना है।
कार्यशाला के दौरान पर्यावरण संरक्षण, जल संरक्षण, स्वच्छता, महिला सशक्तिकरण, सामाजिक समरसता एवं जनजागरूकता से जुड़े विषयों पर विचार-विमर्श किया गया। साथ ही प्रतिभागियों ने अपने अनुभव साझा किए तथा आगामी समय में अधिक प्रभावी एवं परिणामोन्मुखी कार्य करने के लिए सुझाव प्रस्तुत किए।
इस अवसर पर वरिष्ठ समाजसेवी श्रवण पाठक एवं पहलवान सिंह भदौरिया ने भी अपने विचार व्यक्त करते हुए सामाजिक उत्तरदायित्व, जनसहयोग एवं सामुदायिक नेतृत्व की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने कहा कि संगठित समाज ही विकास की मजबूत नींव रख सकता है। इस अवसर पर नवांकुर संस्था लल्लू द्ददा समाज कल्याण समिति के पहलवान सिंह भदौरिया ने भी अपने विचारों से उपस्थित लोगों का मार्गदर्शन किया।
अंत परामर्शदाता मौजीराम ने सभी अतिथियों, प्रतिभागियों एवं प्रतिनिधियों के प्रति आभार ज्ञापित किया। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि कार्यशाला में प्राप्त मार्गदर्शन एवं अनुभवों के आधार पर विकासखण्ड की सभी प्रस्फुटन समितियाँ एवं नवांकुर संस्थाएँ ग्रामीण विकास के क्षेत्र में और अधिक प्रभावी भूमिका निभाएँगी।
कार्यशाला में विकासखण्ड की समस्त नवांकुर संस्थाओं के प्रतिनिधि, प्रस्फुटन समितियों के पदाधिकारी, परामर्शदाता, सामाजिक कार्यकर्ता एवं गणमान्य नागरिक बड़ी संख्या में उपस्थित रहे। कार्यक्रम के अंत में सभी प्रतिभागियों ने जन अभियान परिषद के अभियानों को जन-जन तक पहुँचाने तथा ग्रामों के सर्वांगीण विकास के लिए सक्रिय एवं प्रतिबद्ध होकर कार्य करने का सामूहिक संकल्प लिया।
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